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The Poetic Land

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Friendship

19 writings

Poem

गिलहरी का स्कूल – उषा गंगवार

by Usha Gangwar · उषा गंगवार

पेड़ पे खुला एक स्कूल निराला, गिलहरी दीदी ने उसको सँभाला। पहला पाठ— "पूँछ सीधी रखना, डाल-डाल पर फुदक के चलना।" दूसरा पाठ— "दाने जमा करो, सर्दी के दिन …

Nov 1, 2026
Story

एक अध्याय रोज़ — Mahendra Pal Rattan

by Mahendra Pal Rattan · महेंद्र पाल रत्तन

इब्राहिमपुरा की एक सुस्त गली, पुरानी किताबों की दुकान और एक स्कूली लड़का जो रोज़ ठीक एक अध्याय पढ़कर लाल बस-टिकट पन्नों में रख जाता है। दुकानदार के पास उसके लिए एक स्टूल है, एक झूठ है, और एक अनोखा दाम।

Nov 1, 2026
Story

और कुछ, सर? — Aaditya Shirsekar

by Aaditya Shirsekar · आदित्य शिरसेकर

मालाड के कॉल सेंटर में रात की शिफ़्ट करने वाला लड़का दिन भर किसी से बात नहीं करता, सिवाय स्टेशन के बाहर वड़ा पाव वाले काका के। एक सुबह ठेला ग़ायब है, और उसे पता चलता है कि वह काका का नाम तक नहीं जानता।

Nov 1, 2026
Story

भूरू बादल — Mahendra Pal Rattan

by Mahendra Pal Rattan · महेंद्र पाल रत्तन

बच्चों के लिए एक प्यारी-सी कहानी: भूरू नाम का छोटा बादल भोपाल के ऊपर अपने परिवार से बिछड़ जाता है। चील मौसी, बगुले दादा और छत पर रहने वाली मिट्ठी उसकी मदद करते हैं।

Nov 1, 2026
Poem

चंदा मामा की छुट्टी – उषा गंगवार

by Usha Gangwar · उषा गंगवार

एक दिन बोले चंदा मामा, "मैं भी छुट्टी जाऊँगा, रोज़-रोज़ जगता हूँ रातें, अब तो मैं सो जाऊँगा।" तारे बोले, "मामा, मामा, ऐसे कैसे जाओगे? अँधियारे में …

Nov 1, 2026
Story

শুভেচ্ছা — সুদেষ্ণা নাথ

by Sudeshna Nath · সুদেষ্ণা নাথ

শিলচৰৰ পৰা গুৱাহাটীলৈ অহা সুপৰ্ণাই প্ৰথম সপ্তাহতে হাতীগাঁৱৰ মালিকনী খুড়ীক বিয়াৰ শুভেচ্ছা জনালে। খুড়ীয়ে আচলতে কৈছিল, তেওঁৰ গা বেয়া।

Oct 30, 2026
Story

উৰুকাৰ নিশা আঞ্জা চুৰ — ভাস্কৰজ্যোতি গগৈ

by Bhaskarjyoti Gogoi · ভাস্কৰজ্যোতি গগৈ

উৰুকাৰ নিশা ভেলাঘৰৰ পৰা ককাৰ ধৰা ছয় কিলোৰ ৰৌ মাছৰ আঞ্জাৰ ডেকচিটো নোহোৱা হ'ল। তদন্তত নামিল পৰিয়ালৰ নিজা গোৱেন্দা, অৱসৰপ্ৰাপ্ত হোমগাৰ্ড পুনু খুড়া।

Oct 30, 2026
Poem

পিজিৰ পাকঘৰত মাছৰ টেঙা – ঋতুপৰ্ণা শৰ্মা

by Rituparna Sarma · ঋতুপৰ্ণা শৰ্মা

দেওবাৰৰ দুপৰীয়া। পিজিৰ সৰু পাকঘৰটোত মই প্ৰথমবাৰৰ বাবে মাছৰ টেঙা ৰান্ধিবলৈ লৈছোঁ। ৰৌ মাছ নাই, বজাৰত পোৱা নাম নজনা এবিধ সাগৰীয় মাছ আনিছোঁ; ৰ'দত শুকুৱাই অনা থেকে…

Oct 28, 2026

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