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The Poetic Land

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Winter

7 writings

Poem

पहाड़ की क्षणिकाएँ – अनुराधा सेमवाल

by Anuradha Semwal · अनुराधा सेमवाल

धुंध ने पूरा पहाड़ ढक लिया, बस मंदिर की घंटी बाहर रह गई। यह पगडंडी इतनी पुरानी है कि अब पैरों को नहीं, यादों को ढोती है। रात भर बर्फ़ गिरी— सुबह आँगन …

Nov 1, 2026

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