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Heartlines · Hindi

हिन्दी हार्टलाइन्स

Two to four lines from the heart in Hindi. Swipe and read, share to your status.

Write a Heartline
HEARTLINESहिन्दी

तुम्हारी याद भी अजीब मेहमान है,

बिना बताए आती है और जाने का नाम नहीं लेती।

— रचित मल्होत्राRachit Malhotra
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HEARTLINESहिन्दी

मिट्टी की ख़ुशबू ने आज फिर याद दिलाया,

कि मैं शहर में हूँ, पर दिल अब भी गाँव में है।

— मेघा भारद्वाजMegha Bharadwaj
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HEARTLINESहिन्दी

टूटा हूँ, पर बिखरा नहीं,

अभी कुछ ख़्वाब बाक़ी हैं जिन्हें जोड़ना है।

— तनु श्रीवास्तवTanu Srivastava
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HEARTLINESहिन्दी

आईना रोज़ वही चेहरा दिखाता है,

बस आँखों की थकान हर रोज़ नई होती है।

— हर्षित कौशिकHarshit Kaushik
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HEARTLINESहिन्दी

पुराने मोहल्ले की गलियाँ अब भी मुझे पहचानती हैं,

बस अब वहाँ कोई मेरा नाम नहीं पुकारता।

— हर्षित कौशिकHarshit Kaushik
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HEARTLINESहिन्दी

छोटी-छोटी ख़ुशियाँ जेब में रखा करो,

बड़े दिन अक्सर देर से आते हैं।

— निधि रघुवंशीNidhi Raghuvanshi
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HEARTLINESहिन्दी

सुबह की पहली धूप ने कंधे पर हाथ रखा,

और कहा: चलो, आज फिर से कोशिश करते हैं।

— कुणाल सक्सेनाKunal Saxena
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HEARTLINESहिन्दी

कुछ रिश्ते बोलने से नहीं,

चुप रहकर साथ बैठने से गहरे होते हैं।

— विवेक सिसोदियाVivek Sisodiya
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HEARTLINESहिन्दी

यहाँ हर किसी को दरारों में झाँकने की आदत है,

दरवाज़े खोल दो, कोई पूछने भी नहीं आएगा।

— निधि रघुवंशीNidhi Raghuvanshi
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HEARTLINESहिन्दी

थक कर बैठ जाना भी सफ़र का हिस्सा है,

बस उठना याद रखना, मंज़िल अब भी राह देख रही है।

— तनु श्रीवास्तवTanu Srivastava
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HEARTLINESहिन्दी

माँ के हाथ की रोटी में नमक कम था,

पर वो ज़ायका आज तक किसी होटल में नहीं मिला।

— निधि रघुवंशीNidhi Raghuvanshi
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HEARTLINESहिन्दी

लफ़्ज़ों के दाँत नहीं होते, पर ये काट लेते हैं,

दीवारें खड़ी किए बग़ैर ही बाँट देते हैं।

— अंकुर बाजपेईAnkur Bajpai
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HEARTLINESहिन्दी

माँ ने कभी नहीं कहा कि वो थक गई है,

पर उसकी घिसी हुई चप्पलें सब बता देती हैं।

— पल्लवी चतुर्वेदीPallavi Chaturvedi
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HEARTLINESहिन्दी

हम दोनों ने एक ही चाय आधी-आधी पी थी,

तब से हर कप मुझे अधूरा लगता है।

— कुणाल सक्सेनाKunal Saxena
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HEARTLINESहिन्दी

हँसते चेहरों के पीछे भी कहानियाँ होती हैं,

बस हर कोई पन्ने पलटने की फ़ुर्सत नहीं रखता।

— सौम्या दीक्षितSaumya Dikshit
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HEARTLINESहिन्दी

पापा की डाँट में भी एक छाता था,

जो हर धूप से पहले खुल जाता था।

— पल्लवी चतुर्वेदीPallavi Chaturvedi
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HEARTLINESहिन्दी

वक़्त से शिकायत नहीं, बस इतनी सी बात है,

जो सबसे ज़्यादा अपने थे, वही सबसे जल्दी बदल गए।

— आदित्य नैथानीAditya Naithani
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HEARTLINESहिन्दी

घर से निकला था कुछ बनने के लिए,

अब हर शाम बस घर लौटने का मन करता है।

— अंकुर बाजपेईAnkur Bajpai
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HEARTLINESहिन्दी

तभी तक पूछे जाओगे, जब तक काम आओगे,

चिराग़ों के जलते ही बुझा दी जाती हैं तीलियाँ।

— सौम्या दीक्षितSaumya Dikshit
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HEARTLINESहिन्दी

दोस्ती वो उधार है

जो चुकाने से नहीं, निभाने से उतरता है।

— आदित्य नैथानीAditya Naithani
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HEARTLINESहिन्दी

तुमसे बात न हो तो दिन अधूरा लगता है,

और बात हो जाए तो रात छोटी पड़ जाती है।

— कुणाल सक्सेनाKunal Saxena
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HEARTLINESहिन्दी

मुद्दत हो गई है चुप रहते-रहते,

कोई सुनता तो हम भी कुछ कहते।

— विवेक सिसोदियाVivek Sisodiya
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HEARTLINESहिन्दी

बारिश ने आज फिर खिड़की पर दस्तक दी,

और मैं फिर तुम्हारे जवाब का इंतज़ार करता रहा।

— मेघा भारद्वाजMegha Bharadwaj
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HEARTLINESहिन्दी

ज़िंदगी छोटी नहीं होती है जनाब,

लोग जीना ही देर से शुरू करते हैं।

— रचित मल्होत्राRachit Malhotra
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HEARTLINESहिन्दी

तुम्हारी याद भी अजीब मेहमान है,

बिना बताए आती है और जाने का नाम नहीं लेती।

— रचित मल्होत्राRachit Malhotra
#longing#love
HEARTLINESहिन्दी

मिट्टी की ख़ुशबू ने आज फिर याद दिलाया,

कि मैं शहर में हूँ, पर दिल अब भी गाँव में है।

— मेघा भारद्वाजMegha Bharadwaj
#homeland#nature#rain
HEARTLINESहिन्दी

टूटा हूँ, पर बिखरा नहीं,

अभी कुछ ख़्वाब बाक़ी हैं जिन्हें जोड़ना है।

— तनु श्रीवास्तवTanu Srivastava
#hope#pain
HEARTLINESहिन्दी

आईना रोज़ वही चेहरा दिखाता है,

बस आँखों की थकान हर रोज़ नई होती है।

— हर्षित कौशिकHarshit Kaushik
#life#pain
HEARTLINESहिन्दी

पुराने मोहल्ले की गलियाँ अब भी मुझे पहचानती हैं,

बस अब वहाँ कोई मेरा नाम नहीं पुकारता।

— हर्षित कौशिकHarshit Kaushik
#longing#homeland
HEARTLINESहिन्दी

छोटी-छोटी ख़ुशियाँ जेब में रखा करो,

बड़े दिन अक्सर देर से आते हैं।

— निधि रघुवंशीNidhi Raghuvanshi
#joy#hope
HEARTLINESहिन्दी

सुबह की पहली धूप ने कंधे पर हाथ रखा,

और कहा: चलो, आज फिर से कोशिश करते हैं।

— कुणाल सक्सेनाKunal Saxena
#hope#nature
HEARTLINESहिन्दी

कुछ रिश्ते बोलने से नहीं,

चुप रहकर साथ बैठने से गहरे होते हैं।

— विवेक सिसोदियाVivek Sisodiya
#friendship#love
HEARTLINESहिन्दी

यहाँ हर किसी को दरारों में झाँकने की आदत है,

दरवाज़े खोल दो, कोई पूछने भी नहीं आएगा।

— निधि रघुवंशीNidhi Raghuvanshi
#life
HEARTLINESहिन्दी

थक कर बैठ जाना भी सफ़र का हिस्सा है,

बस उठना याद रखना, मंज़िल अब भी राह देख रही है।

— तनु श्रीवास्तवTanu Srivastava
#hope#life
HEARTLINESहिन्दी

माँ के हाथ की रोटी में नमक कम था,

पर वो ज़ायका आज तक किसी होटल में नहीं मिला।

— निधि रघुवंशीNidhi Raghuvanshi
#mother#homeland
HEARTLINESहिन्दी

लफ़्ज़ों के दाँत नहीं होते, पर ये काट लेते हैं,

दीवारें खड़ी किए बग़ैर ही बाँट देते हैं।

— अंकुर बाजपेईAnkur Bajpai
#pain#life

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