HEARTLINESहिन्दीआईना रोज़ वही चेहरा दिखाता है,बस आँखों की थकान हर रोज़ नई होती है।— हर्षित कौशिकHarshit Kaushik#life#pain
HEARTLINESहिन्दीपुराने मोहल्ले की गलियाँ अब भी मुझे पहचानती हैं,बस अब वहाँ कोई मेरा नाम नहीं पुकारता।— हर्षित कौशिकHarshit Kaushik#longing#homeland