HEARTLINESहिन्दीलफ़्ज़ों के दाँत नहीं होते, पर ये काट लेते हैं,दीवारें खड़ी किए बग़ैर ही बाँट देते हैं।— अंकुर बाजपेईAnkur Bajpai#pain#life
HEARTLINESहिन्दीघर से निकला था कुछ बनने के लिए,अब हर शाम बस घर लौटने का मन करता है।— अंकुर बाजपेईAnkur Bajpai#homeland#longing