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Heartlines · Hindi

हिन्दी हार्टलाइन्स

Two to four lines from the heart in Hindi. Swipe and read, share to your status.

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HEARTLINESहिन्दी

मिट्टी की ख़ुशबू ने आज फिर याद दिलाया,

कि मैं शहर में हूँ, पर दिल अब भी गाँव में है।

— मेघा भारद्वाजMegha Bharadwaj
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HEARTLINESहिन्दी

पुराने मोहल्ले की गलियाँ अब भी मुझे पहचानती हैं,

बस अब वहाँ कोई मेरा नाम नहीं पुकारता।

— हर्षित कौशिकHarshit Kaushik
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HEARTLINESहिन्दी

माँ के हाथ की रोटी में नमक कम था,

पर वो ज़ायका आज तक किसी होटल में नहीं मिला।

— निधि रघुवंशीNidhi Raghuvanshi
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HEARTLINESहिन्दी

घर से निकला था कुछ बनने के लिए,

अब हर शाम बस घर लौटने का मन करता है।

— अंकुर बाजपेईAnkur Bajpai
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HEARTLINESहिन्दी

बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,

खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी॥

— सुभद्राकुमारी चौहानSubhadra Kumari Chauhan
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HEARTLINESहिन्दी

हिमाद्रि तुंग शृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती

स्वयं प्रभा समुज्ज्वला स्वतंत्रता पुकारती

'अमर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ़- प्रतिज्ञ सोच लो,

प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो!'

— जयशंकर प्रसादJaishankar Prasad
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HEARTLINESहिन्दी

मिट्टी की ख़ुशबू ने आज फिर याद दिलाया,

कि मैं शहर में हूँ, पर दिल अब भी गाँव में है।

— मेघा भारद्वाजMegha Bharadwaj
#homeland#nature#rain
HEARTLINESहिन्दी

पुराने मोहल्ले की गलियाँ अब भी मुझे पहचानती हैं,

बस अब वहाँ कोई मेरा नाम नहीं पुकारता।

— हर्षित कौशिकHarshit Kaushik
#longing#homeland
HEARTLINESहिन्दी

माँ के हाथ की रोटी में नमक कम था,

पर वो ज़ायका आज तक किसी होटल में नहीं मिला।

— निधि रघुवंशीNidhi Raghuvanshi
#mother#homeland
HEARTLINESहिन्दी

घर से निकला था कुछ बनने के लिए,

अब हर शाम बस घर लौटने का मन करता है।

— अंकुर बाजपेईAnkur Bajpai
#homeland#longing
HEARTLINESहिन्दी

बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,

खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी॥

— सुभद्राकुमारी चौहानSubhadra Kumari Chauhan
#homeland
HEARTLINESहिन्दी

हिमाद्रि तुंग शृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती

स्वयं प्रभा समुज्ज्वला स्वतंत्रता पुकारती

'अमर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ़- प्रतिज्ञ सोच लो,

प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो!'

— जयशंकर प्रसादJaishankar Prasad
#homeland

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