HEARTLINESहिन्दीमाँ के हाथ की रोटी में नमक कम था,पर वो ज़ायका आज तक किसी होटल में नहीं मिला।— निधि रघुवंशीNidhi Raghuvanshi#mother#homeland
HEARTLINESहिन्दीछोटी-छोटी ख़ुशियाँ जेब में रखा करो,बड़े दिन अक्सर देर से आते हैं।— निधि रघुवंशीNidhi Raghuvanshi#joy#hope
HEARTLINESहिन्दीयहाँ हर किसी को दरारों में झाँकने की आदत है,दरवाज़े खोल दो, कोई पूछने भी नहीं आएगा।— निधि रघुवंशीNidhi Raghuvanshi#life