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The Poetic Land

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6 writings

Poem

पहाड़ की क्षणिकाएँ – अनुराधा सेमवाल

by Anuradha Semwal · अनुराधा सेमवाल

धुंध ने पूरा पहाड़ ढक लिया, बस मंदिर की घंटी बाहर रह गई। यह पगडंडी इतनी पुरानी है कि अब पैरों को नहीं, यादों को ढोती है। रात भर बर्फ़ गिरी— सुबह आँगन …

Nov 1, 2026
Poem

डेटा और दुआ – इशिता कनौजिया

by Ishita Kanaujia · इशिता कनौजिया

मैंने एक मॉडल बनाया जो बारिश का अनुमान लगाता है। माँ अब भी चींटियों की क़तार देखती हैं। दोनों अक्सर सही निकलते हैं। पूरे साल के डेटा से मैंने निकाला …

Nov 1, 2026

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