Poemदर्द-ए-ज़िंदगीby Mustafa khujeन हयात अच्छी, न वफ़ात अच्छी, / वजूद न होता तो होती कुछ बात अच्छी। / उम्र जो गुज़री अफ़सुर्दगी, आशुफ़्तगी में,Nov 1, 2026