जो दिल में है, वो ज़ुबान पे लाया नहीं जाता,
तू पूछती है जो, वो मुझसे सुनाया नहीं जाता।
दर्द इतना है कि मुझसे जताया नहीं जाता,
ये कैसी मोहब्बत है, समझाया नहीं जाता।
तू समझती है ख़ामोशी को मेरी बस ख़ामोशी,
इसमें क्या दर्द है, तुझको बताया नहीं जाता।
हर रात तेरा ख़्वाब आँखों में उतर आता है,
तेरी यादों से दिल को बहलाया नहीं जाता।
तू दूर है तो ये दिल और भी तन्हा रहता है,
तुझसे बढ़कर कोई अपना बनाया नहीं जाता।
कितनी शिद्दत से तुझे चाहा है मैंने मगर,
तुझको दिल से कभी अपने भुलाया नहीं जाता।
तू मेरी मोहब्बत है, ये सच है मगर इतना,
जिसे चाहो उसे हर बार जताया नहीं जाता।
तेरी यादों में ही कटती हैं मेरी रातें अक्सर,
हर रात का ग़म तुझको समझाया नहीं जाता।
हँसता हूँ मैं दुनिया के लिए हर रोज़ मगर,
जो दर्द है मुस्तफ़ा, तुझसे छुपाया नहीं जाता।