तुम्हें क्या मेरी ज़िंदगी में आना याद है?
वो दिन वो बातें ओर वो ज़माना याद है?
क्या मेरी बातों पे यूँ मुस्कुराया करते थे
क्या मेरी बातों पे वो मुस्कुराना याद है?
वो हम जो रात भर यूँ तुमसे बातें करते थे,
तुम्हें वो रातों में मेरा जगाना याद है?
वो बात-बात पे जो रूठ जाय करते थे
क्या मेरा तुम को प्यार से मनाना याद है?
वो मेरा तुझपे जान यूँ लुटाना याद है?
क्या मुस्तफ़ा का प्यार यूँ जताना याद है?